A2Z सभी खबर सभी जिले कीTechnologyअन्य खबरेझारखंड

पुरनाडीह परियोजना में संडे पीएचडी कटौती के विरोध में संडे अवकाश में रहने का लिया फैसला।।

IMG 20250914 WA0164पुरनाडीह परियोजना में संडे पीएचडी कटौती के विरोध में संडे अवकाश में रहने का लिया फैसला।।

संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी

खलारी। पूरनाडीह परियोजना में संडे ड्यूटी पीएचडी में कटौती और भेदभाव के विरोध में एनके एरिया की पूरनाडीह परियोजना के कामकाज को रविवार की सुबह से ही वहां के कामगारों ने सभी मजदूर परियोजना कार्यालय के बाहर जमा हो गए और जिनका संडे मिला था वह भी अपना संडे ड्यूटी का त्याग कर अपनी चट्टानी एकता का परिचय देते हुए काम बंद कर दिया। रविवार की सुबह छह बजे से कामगार परियोजना कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और संडे ड्यूटी पीएचडी में कटौती किए जाने का विरोध किया। साथ ही प्रबंधन के इस मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। और  सभी ने एक स्वर में नारा लगाया कि संडे पीएचडी सबों को देना होगा मजदूर एकता जिंदाबाद इंकलाब जिंदाबाद । कामगारों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन जान बूझकर संडे ड्यूटी पीएचडी में कटौती कर रहा है। इससे कामगारों को काफी परेशानी हो रही है। खदान का कामकाज बंद होने की सूचना पर साढ़े सात बजे सुबह परियोजना पदाधिकारी आए और मजदूरों को धमकाने लगे कि कौन-कौन काम बंद किए हैं उनका नाम बताया जाए  जिस पर सभी मजदूर क्रोधित हो गए और एक स्वर में कहा हम सभी किसी के कहने या बहकावे में नहीं है संडे एवं पीएचडी की हमारी मांग है जो हमारा हक़ है। इसलिए हम लोगों को बांटने का काम ना किया जाए हम सभी को संडे एवं पीएचडी मिलेगा तभी हम ड्यूटी करेंगे अन्यथा सामूहिक अवकाश में रहेंगे इसके लिए जितने भी संडे गंवाना  पड़े। परियोजना पदाधिकारी के लौट जाने पर सभी मजदूरों ने सामूहिक विचार विमर्श किया कि जब तक पूर्णाडीह के सभी मजदूरों को संडे पीएचडी नहीं मिलेगा तब तक हम हर रविवार को सामूहिक अवकाश में रहेंगे और बात नहीं मानी गई तो हम पूरा एरिया को बंद कराने का काम करेंगे क्योंकि 17 /18 में भी केडीएच डकरा रोहिणी के लिए संडे एवं पीएचडी के लिए पूर्णाडीह परियोजना के मजदूरों ने आंदोलन कर संडे एवं पीएचडी लिया था। उसी तरह से हम लोग भी अपनी हक़ मांगें मनवा कर रहेंगे। इस सामूहिक अवकाश में लगभग 300 मजदूर महिला पुरुष शामिल हुए जिससे पूरा पूर्णाडीह परियोजना का काम पूरी तरह से ठप रहा।इस विरोध अवकाश पर मजदूर बहुरा मुंडा, महेंद्र उरांव, बालेश्वर उरांव, गणेश गंझू, अनूप रजक, इब्राहिम,रोहित गंझू,सुरेश गंझू,रंजीत गंझू, बंधन गंझू, चमन, तुलसी, फूलदेव, शंकर, अखिलेश, शशि, सुरेश, अकल, राजू,  सनी, रविंदर, संजय,  साइनाथ, विश्राम ताना भगत, राम प्रसाद गंझू, बबलू राम, राजेंद्र भुइयां, हरदेव सिंह, विनय उरांव, अख्तर जैनुल, विश्राम बाजे उरांव, नंदलाल, शंकर, जागेश्वर, बालेश्वर, ब्रजेश, शिवम, कोशीला देवी, रातों देवी, इतवारिया उरांव, शांति उरांव, जसोदा देवी, रेखा देवी, हीरामणि देवी, रेखा खलखो, ललिता भगत, उषा देवी, सरिता देवी, जसमणी उरांव, सीतामणी उरांव, किरण कुमारी इत्यादि और भी कई  मजदूर उपस्थित थे

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!